आलूबुखारा खाने के बड़े फायदे

                  

स्वाद में खट्टा-मीठा स्वादिष्ट आलूबुखारा इन दिनों बाजार में खूब बिक रहा है. आलूबुखारा, आड़ू और खुबानी आदि  फल एक ही फैमली से संबंधित हैं. ये लाल, बैंगनी, हरे, पीले, नारंगी, गुलाबी रंग के होने के साथ साइज में बड़े या छोटे हो भी हो सकते हैं.                

हजारों साल पहले आलूबुखारे की उत्पत्ति चीन में हुई थी. इसके बाद, जापान, अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में भी ये पाए गए. आज, दुनिया भर में 2,000 से अधिक आलूबुखारों की अलग-अलग किस्में उगती हैं. इससे बनने वाले सलाद और पकवानों का स्वाद बेहद लाजवाब होता है.

आलूबुखारा सेहत के लिहाज से गुणों का खजाना है. इसमें मिनरल्स, विटामिन, फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है. इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर को स्वस्थ रखने में, मांसपेशियों के निर्माण और ब्लड वेसल को बनाने में मदद करता है.
                    

एक कप आलूबुखारे में कैलोरी: 76, प्रोटीन: 1 ग्राम, फैट: 1 ग्राम से कम, कार्बोहाइड्रेट: 18 ग्राम, फाइबर: 2 ग्राम और चीनी: 16 ग्राम पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसके अलावा, आलूबुखारा कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन K, फोलेट का अच्छा सोर्स माना जाता है.
                    

आंखों को बनाए स्वस्थ
आलूबुखारा में विटामिन ए और बीटा कैरोटीन पाया जाता है. ये आंखों के लिए फायदेमंद होता है. नियमित रूप से इसका सेवन आंखों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है.
    

दिल के लिए फायदेमंद
आलूबुखारे में मौजूद फाइटोकेमिकल्स और पोषक तत्व हृदय रोग को ट्रिगर करने वाली सूजन को कम करते हैं.
                    

तनाव को दूर करे
आलूबुखारे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव दूर करने में मदद करते हैं. जब शरीर में एंटीऑक्सीडेंट कम होते हैं, तो व्यक्ति तनाव ग्रस्त रहने लगता है. इसलिए, नियमित रूप से इसका सेवन मेंटल स्ट्रेस को दूर कर आपको हेल्दी और फिट बनाने में मदद करता है.
      

कब्ज से राहत
आलूबुखारा में डायट्री फाइबर होता है, जिसमें सार्बिटॉल मुख्य रूप से पाया जाता है. ये फाइबर पाचन क्रिया को दुरूस्त करके कब्ज से राहत दिलाने में मदद करते हैं.

ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक
आलूबुखारे में मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को दो तरह नियंत्रित कर सकता है. यूरीन पास करते समय ये शरीर से सोडियम को बाहर निकालता है और ब्लड वेसल में तनाव को कम करता है. इसके अलावा, लो ब्लड प्रेशर में ये स्ट्रोक की संभावना को कम करता है.
                    

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
आलूबुखारे में एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है. ये शरीर की सेल्स और टिशू को क्षति पहुंचने से बचाते हैं. जिसके कारण डायबिटीज, अल्जाइमर, पार्किंसंस और कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा हो सकता है.
                    

ब्लड शुगर कंट्रोल
आलूबुखारा फाइबर से भरपूर होता है, जे ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है. ये शरीर के एडिपोनेक्टिन नामक हार्मोन के उत्पादन को भी बढ़ा सकता है. ये हार्मोन ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है.

हड्डियों को बनाए स्वस्थ
जानवरों पर किए गए शोध से पता चलता है कि prunes (सूखे प्लम) हड्डियों को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं. इसका नियमित सेवन हड्डियों की कमजोरी को दूर करके इन्हें मदबूत बनाने में मदद करता है.

एक्सपर्ट के अनुसार, खट्टे-मीठे स्वाद वाले आलूबुखारे को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बनाने से ना केवल आप स्वस्थ रहेंगे बल्कि मौसमी बीमारियों से बचाव भी रहेगा. इसका केक, सलाद, मीठे पकवान, सलाद आदि खाने में बेहद लजीज लगते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *