बाढ़ की विभीषिका झेल रहे कर्नाटक को मिले फसल राहत एवं स्थायी पुनर्वास की मदद : सुरजेवाला

नई दिल्ली। कर्नाटक में भारी बारिश और बाढ़ से हालात काफी गंभीर हैं। राज्य में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रमुख बांधों का पानी छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। खासकर उत्तर कर्नाटक में पिछले तीन महीने में तीसरी बार बाढ़ की समस्या आई है। इस क्षेत्र के बेलगावी, कलबुर्गी, रायचुर, यादगिर, कोप्पल, गोदाग, धारवाड़, बागलकोट, विजयपुरा और हावेरी इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं। मौसम की इस मार से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। लाखों हेक्टेयर भूमि में बड़े पैमाने पर फसल बर्बाद हो गई है। बाढ़ की इसी विभीषिका को लेकर कांग्रेस महासचिव एवं प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कर्नाटक एवं केंद्र सरकार से राज्य के आम लोगों खासकर किसानों को विशेष मदद पहुंचाए जाने की मांग की है।

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि उत्तर और कल्याण कर्नाटक के लोग भीमा नदी की बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सैकड़ों गांवों में बाढ़ की स्थिति है, जिससे लोगों को अपना घर व संपत्ति छोड़नी पड़ी है। हजारों एकड़ किसान की भूमि जलमग्न है, यह अन्नदाता के लिए बहुत बड़ी क्षति है। यहीं नहीं ऐतिहासिक चंद्रालय परमेश्वरी मंदिर और बुद्ध मंदिर पिछले 30 वर्षों से जलमग्न हैं। ऐसे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत निरीक्षण कर जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाए जाने का आग्रह करता हूं।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा है कि बाढ़ की इस विपदा में बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) को सभी प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत तैनात किया जाना चाहिए। वहीं प्रभावितों के लिए फसल राहत सहित पीड़ितों को स्थायी पुनर्वास प्रदान करने को लेकर भी त्वरित कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार से मांग करती है कि राहत कार्य के लिए तुरंत धनराशि जारी की जाए।

इससे पहले बीते दिन ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री से फोन पर बात की थी और राहत व बचाव कार्य में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। इस दौरान पीएम मोदी ने ट्वीट कर भी कहा था कि ‘सीएम बीएस येदियुरप्पा से कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बाढ़ की स्थिति पर जायजा लिया है। हम बाढ़ से प्रभावित कर्नाटक की अपने बहनों और भाइयों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। बचाव और राहत कार्यों में केंद्र से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।’ (एजेंसी, हि.स.)

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