रांची
रांची में त्योहारों में निकाले जाने वाले जुलूस के कारण दस-दस घंटे बिजली काटे जाने पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: सज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और बिजली विभाग से जवाब तलब किया है। अदालत ने दोनों से यह बताने को कहा है कि किस नियम के तहत जुलूस निकाले जाने पर दस-दस घंटे बिजली काटी जा रही है। बिजली काटे जाने के बाद आमलोगों को जो परेशानी होती है उससे निजात दिलाने के लिए क्या वैकल्पिक उपाए किए जाते हैं। अदालत ने सभी बिंदुओं पर नौ अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि सरहुल और रामनवमी के दिन निकाले जाने वाली शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए बिजली काट दी जाती है। सभी मार्ग के जुलूस जब लौट जाते हैं तब बिजली की आपूर्ति की जाती है। एक अप्रैल को सरहुल की शोभायात्रा के लिए दस घंटे से अधिक बिजली काटी गयी थी। छह अप्रैल को रामनमवी जुलूस के दौरान भी बिजली काटे जाने की घोषणा की गयी है।