पटना
बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि राज्य में 3500 से अधिक छोट-बड़े पुलों की वास्तविक स्थिति और रखरखाव की सटीक निगरानी के लिए उनके हेल्थ कार्ड बनाए जाएंगे।
विभाग जल्द इन पुलों का हेल्थ कार्ड बनाएगा
नितिन नवीन ने यहां उनकी अध्यक्षता में ‘पुल रखरखाव नीति-2025' को लेकर हुई बैठक में बताया कि पुलों के रखरखाव की नीति अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने नई नीति से संबंधित शेष कार्यों को जल्द पूरा करते हुए इसे जल्द मंत्रिमंडल में भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य ससमय पुलों का रखरखाव और मजबूतीकरण पर ध्यान देना है। इसके लिए हर महीने पुलों की रियल टाइम निगरानी की योजना प्रस्तावित है। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 3500 से अधिक छोटे-बड़े पुल है। विभाग जल्द इन पुलों का हेल्थ कार्ड बनाएगा, जिसकी मदद से पुलों की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। इस कार्ड के जरिए पुलों पर होने वाले गड्ढे, जलजमाव, दरार समेत सभी त्रुटियों का ससमय पता लग पायेगा। इसके बाद संबंधित अभियंताओें को इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
नवीन ने बताया कि इस नीति को मंजूरी मिलने के बाद विभाग के अभियंता का प्रशिक्षण होगा ताकि नीति का कुशलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि उनका विभाग इस नीति को बनाने में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली, आईआईटी रूड़की, आईआईटी मद्रास और आईआईटी पटना से भी मदद ले रहा है।