जन-कल्याण का यज्ञ बन रहे हैं समस्या निवारण शिविर

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर मध्यप्रदेश में आम जनता के कल्याण के लिए "मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान" प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने अभियान प्रारंभ होने के पहले वीडियो कॉन्फ्रेंस और बैठकों द्वारा राजधानी, जिला, संभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री चौहान की मंशा के अनुसार पूरे प्रदेश में जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक व्यक्तियों को पहुँचाने के लिए कार्य शुरू हुआ है। जन-कल्याण का यज्ञ बन रहे इन शिविरों से गत 5 दिवस में आम जनता को लाभान्वित करने के लिए निरंतर कार्यवाही चल रही है। केन्द्र और राज्य की महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ नागरिकों को मिलेगा। अक्टूबर माह के अंत तक सभी पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिया जायेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर से जनता के कल्याण के लिए प्रारंभ मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिविर लगाये जा रहे हैं। इन शिविरों से अनेक समस्याएँ भी हल हो रही हैं। अनेक जगह वरिष्ठ अधिकारी स्वयं उपस्थित रह कर तत्परता से जनता की समस्याओं को हल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने भी जिलों में हो रहे शिविरों में उपस्थित होकर शिविरों के संचालन का अवलोकन किया है। प्रदेश में 23 हजार 500 शिविर लगाए जाना है। शुरूआती 5 दिन में 6 हजार से अधिक शिविर लगाए जा चुके हैं। शिविरों में सम्मिलित ग्राम पंचायतों की संख्या 18 हजार 935 है।

पाँच दिन में मिले एक लाख 33 हजार आवेदन, निराकरण की प्रक्रिया शुरू

अभियान में अभी तक एक लाख 33 हजार 475 आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रथम दिन 17 सितम्बर से लेकर 5वें दिन 21 सितम्बर की समाप्ति तक 30 हजार 514 आवेदन स्वीकृत कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है। जिन 33 योजना को चिन्हित किया गया है उनमें सर्वाधिक 39 हजार 384 आवेदन आयुष्मान भारत योजना में प्राप्त हुए हैं। इसी तरह निर्माण श्रमिकों के पंजीयन और स्वच्छ भारत मिशन में लगभग 20-20 हजार आवेदन-पत्र मिले हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्‍वला योजना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में भी 10-10 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। पूरे प्रदेश में आवेदनों के निराकरण की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

महिलाओं, बच्चों, किसानों और नि:शक्तजन कल्याण की योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी

मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के प्रति उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना, नि:शक्त छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, नि:शुल्क कृत्रिम अंग सहायक उपकरण प्रदाय, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, मुख्यमंत्री किसान-कल्याण योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के प्रति प्रदेश में जागरूकता बढ़ी है। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन-पत्र प्राप्त हो रहे हैं। विवाह सहायता प्राप्त करने के लिए 439, किसान सम्मान निधि प्राप्त करने के लिए 379, किसान क्रेडिट कार्ड के लिए 1040, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 2456, लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए 951, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना के लिए 217, नि:शुल्क कृत्रिम अंग सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए 139, नि:शक्त विद्यार्थियों द्वारा उच्च शिक्षा में सहायता के लिए 121 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए 686 आवेदन-पत्र प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 3 हजार से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं।

रक्तदान और पौध-रोपण से जुड़ रहा है जन-जन

अभियान के पहले दिन प्रधानमंत्री के जन्म-दिवस पर मध्यप्रदेश में पूरे देश में सर्वाधिक 28 हजार 998 व्यक्तियों द्वारा रक्तदान सेवा की गई। प्रदेश में रोगियों के हित में यह बहुत बड़ा कदम है। सामान्य दिनों की तुलना में 10 गुना से अधिक रक्त संग्रहित हुआ है। यह प्रदेश की वार्षिक रक्त आवश्यकता का 7 प्रतिशत था। इस दिन मध्यप्रदेश में 46 हजार 221 लोगों ने रक्तदान के लिए पंजीयन भी करवाया। मध्यप्रदेश में जन सेवा अभियान से रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। इसी तरह प्रदेश में पौधे लगाने का कार्य भी जन-अभियान का स्वरूप लेता जा रहा है। प्रदेश में 17 सितम्बर को 17 लाख से अधिक पौधे लगाए गए।

स्ट्रीट वेंडर्स भी आगे आए, चाहते हैं आत्म-निर्भर होना

मध्यप्रदेश स्ट्रीट वेंडर्स के कल्याण में देश में प्रथम है। प्रदेश में कोरोना काल में मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में प्रदेश ने पथ विक्रेताओं के कल्याण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रमाण प्रस्तुत किए। जहाँ शहरी क्षेत्रों में फल विक्रेताओं, सब्जी विक्रेताओं, चाय और नाश्ता का ठेला लगाने वाले छोटे-छोटे व्यवसासियों को लाभान्वित किया गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी हितग्राही लाभान्वित हुए। दस हजार रूपये की ऋण राशि चुकाने के बाद दोगुनी ऋण राशि प्राप्त करने में भी हितग्राहियों ने सफलता प्राप्त की है। गत 5 दिवस में 3 हजार 140 आवेदन ऐसे प्राप्त हुए जिनमें पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्म-निर्भर निधि का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों ने इच्छा व्यक्त की है। अभियान की समाप्ति तक यह संख्या एक लाख तक पहुँचने का अनुमान है। इस तरह प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित करने के अच्छे  परिणाम देखने को मिलेंगे।

इन जिलों में लगाए गए सर्वाधिक शिविर

ऐसे जिले जिनमें सबसे अधिक शिविर लग चुके हैं उनमें रीवा 329, सतना 328, धार 276, अशोकनगर 254, देवास 240 और अनूपपुर 214 शिविर के साथ शीर्ष 5 जिलों में शामिल हैं। ऐसे विभाग जिनके सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं उनमें लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 29 हजार 384 आवेदन, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग में 22 हजार 645 आवेदन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 21 हजार 658 आवेदन, श्रम विभाग में 19 हजार 454 आवेदन और सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त कल्याण विभाग में 18 हजार 665 आवेदन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री चौहान की हो रही निरंतर भागीदारी

मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान में मुख्यमंत्री चौहान निरंतर भागीदारी कर रहे हैं। अभियान के पहले दिन प्रधानमंत्री की उपस्थिति में श्योपुर जिले के कराहल में महिला स्व-सहायता समूह सम्मेलन हुआ था। इस दिन प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने प्रत्येक जिले में पौध-रोपण में भागीदारी की थी। मुख्यमंत्री चौहान 21 सितम्बर को शहडोल और उमरिया जिले में जन सेवा अभियान शिविर में शामिल हुए। उन्होंने अनेक योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। आने वाले सप्ताह में भी मुख्यमंत्री चौहान विभिन्न जिलों में उपस्थित रहेंगे और हितग्राहियों से योजनाओं के संबंध में चर्चा भी करेंगे।

नि:शक्तजनों को उपकरण वितरण

मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के प्रथम दिन प्रदेश के विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगाये गये शिविर में नि:शक्तजनों को 4969 उपकरण एवं आयुष्मान कार्ड वितरित किये गये। इनमें 2326 आयुष्मान कार्ड, 182 टीएलएम किट, 5 आर्टिफिशियल लिम्स, 4 आर्थोपेडिक शूज, 872 एम.आर. किट, 28 कृत्रिम हाथ-पैर, 27 कैलीपर्स, 447 ट्राइसिकिल, 18 फोल्डिंग स्टीक, 5 बैटरी चलित साईकिल, 184 बैसाखी, 24 ब्रेल किट, 34 ब्लाइंड स्टिक, 150 मोट्रेट ट्राइसिकिल, 72 वॉकिंग स्टिक, 49 विशेष हियरिंग, 205 व्हील चेयर, 284 श्रवण यंत्र, 29 सामान्य हियरिंग, 21 सी.पी. चेयर और 3 स्टिक नि:शक्तजन को उपलब्ध करवाई गई।

 

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