मेरठ की यूनिवर्सिटी में परीक्षा में बवाल, पेपर में नक्सली-आतंकी संगठनों से की RSS की तुलना

मेरठ

उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (CCSU) में एमए राजनीति विज्ञान के पेपर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को आतंकी संगठनों के साथ जोड़ने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस विवादास्पद प्रश्न पर संघ और छात्र संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। विश्वविद्यालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पेपर तैयार करने वाली प्रोफेसर डॉ. सीमा पंवार को आजीवन डिबार कर दिया है।

एमए राजनीति विज्ञान द्वितीय वर्ष के एक प्रश्न पत्र में आरएसएस की धार्मिक एवं जातीय पहचान को राजनीति से जोड़ते हुए उसे आतंकी संगठनों की श्रेणी में रखा गया। यह सवाल सामने आने के बाद छात्रों और संगठनों में रोष फैल गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इसे संघ की छवि को धूमिल करने वाला बताते हुए विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।

विश्वविद्यालय स्तर पर नहीं हुई जांच

प्रश्न पत्र बनाने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पेपर को किसी उच्चस्तरीय समिति द्वारा पहले से जांचा नहीं गया था। यह प्रश्न पत्र मेरठ कॉलेज की राजनीति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. सीमा पंवार द्वारा तैयार किया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित की और स्पष्टीकरण मांगा।

प्रोफेसर ने बताया- मंशा गलत नहीं थी

विवाद बढ़ने पर प्रो. सीमा पंवार ने विश्वविद्यालय को लिखित में माफी दी और कहा कि उनकी मंशा किसी की भावना आहत करने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह गलती अनजाने में हुई और वह सवाल के लिए क्षमा मांगती हैं। बावजूद इसके विश्वविद्यालय ने उन्हें भविष्य में किसी भी परीक्षा संबंधी कार्य से पूरी तरह वंचित कर दिया है।
भविष्य में सतर्कता का आश्वासन

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि पेपर बनाने वाली प्रोफेसर को आजीवन डिबार कर दिया गया है और उनसे भविष्य में कोई भी शैक्षणिक कार्य नहीं लिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार और निगरानी बढ़ाई जाएगी।

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