संयुक्त अरब अमीरात
ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर और फ्लाईदुबई के चालक दल को उड़ान के दौरान आपात स्थिति में साहस और पेशेवर दक्षता दिखाने के लिए सम्मानित किया है। 30 सितंबर को हुई घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे चालक दल के सदस्यों और यात्रियों को हस्तक्षेप करने और संभावित बड़े हादसे को टालने में मदद मिली।
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने घटना में शामिल चालक दल के सदस्यों को ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II’ से सम्मानित किया। यह सम्मान आपात स्थिति में बहादुरी दिखाने, यात्रियों की सुरक्षा करने और विमान को सुरक्षित रखने के प्रयासों के लिए दिया गया है।
इस घटना के बाद कैप्टन मच्छर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। भारत, यूएई, इजरायल और अमेरिका के नेताओं ने उनके साहस की प्रशंसा की है। इजरायल ने भी भारतीय पायलट को नागरिक बहादुरी पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह पुरस्कार उनकी चोटों से उबरने के बाद प्रदान किया जाएगा।
सम्मान दुबई के क्राउन प्रिंस, यूएई के उपप्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और दुबई की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने प्रदान किए। मंगलवार को राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने दुबई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की मौजूदगी में चालक दल के सदस्यों से मुलाकात की और आपात स्थिति के दौरान उनके योगदान को सराहा।
यूएई नेतृत्व ने कठिन परिस्थितियों में यात्रियों की रक्षा करने और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चालक दल के साहस, पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। नेतृत्व ने दोहराया कि लोगों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करना देश की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। चालक दल के सदस्यों ने सम्मान के लिए राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे प्राप्त करने पर गर्व जताया।
मुश्किल से बची थी 172 यात्रियों की जान
30 सितंबर को, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट एफजेड 1073 के फ्लाइट डेक में एक गंभीर घटना होने के बाद, विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया था। इस दौरान कैप्टन मच्छर घायल हो गए थे। वहीं, क्रू सदस्य और यात्रियों ने मिलकर स्थिति को काबू में किया। विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और सभी 172 यात्री तथा क्रू सदस्य सुरक्षित बच गए।
सुरक्षा पहली प्राथमिकता
मुलाकात के दौरान, गणमान्य व्यक्तियों ने क्रू की भूमिका और उनके साहस की सराहना की। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनके ओर से दिखाई गई उच्च स्तरीय जिम्मेदारी की तारीफ की। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि मानव सुरक्षा और बचाव यूएई की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक है।
उप-राष्ट्रपति ने जताया गर्व
इससे पहले कैप्टन मच्छर अपनी चोटों का इलाज करा रहे थे, तब शेख हमदान ने उनसे मुलाकात की और उनके साहस, जिम्मेदारी की भावना तथा मानव जीवन की रक्षा के प्रति उनके समर्पण की प्रशंसा की।
उप-प्रधानमंत्री ने एक्स पर इस बात पर गर्व जताते हुए कहा कि कैप्टन मच्छर हमारे राष्ट्र की कहानी का हिस्सा हैं। कैप्टन स्मित मच्छर 'फ्लाईदुबई' के ऐसे पायलट हैं, जिन्होंने साहस, जिम्मेदारी और इंसानी जान की परवाह की बेहतरीन मिसाल पेश की है। हमारी और देश के नेतृत्व की ओर से, उन्हें पूरा सम्मान और तारीफ मिलती है। हमें गर्व है कि वो हमारी टीम का हिस्सा हैं।
को-पायलट ने किए थे कई वार
इससे पहले, यूएई के सरकारी मीडिया 'द नेशनल' से बातचीत में कैप्टन मच्छर ने पूरी घटना को याद करते हुए उन हालातों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खोलने से पहले ही को-पायलट ने उन पर कई वार किए थे। हालांकि किसी तरह वो इसे खोलने में कामयाब रहे और फिर सब कुछ ठीक हो गया।
इससे पहले, 3 अक्टूबर को शेख हमदान ने इलाज करा रहे कैप्टन मच्छर से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने आपात स्थिति में भारतीय पायलट के साहस, संयम और जिम्मेदारी की भावना की सराहना की थी।
शेख हमदान ने कहा था कि कैप्टन मच्छर ने बहादुरी और मानव जीवन के प्रति चिंता का उच्चतम स्तर प्रदर्शित किया। उन्होंने पायलट के प्रयासों को दूसरों की सुरक्षा के प्रति साहस और समर्पण का उदाहरण बताया।
शेख हमदान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, “हमारी ओर से और देश के नेतृत्व की ओर से उन्हें पूरा सम्मान और प्रशंसा प्राप्त है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यूएई को कैप्टन मच्छर को अपनी टीम और देश की कहानी का हिस्सा मानने पर गर्व है। उन्होंने देश के मूल्यों को करुणा, शांति और मानव जीवन के प्रति सम्मान पर आधारित बताया।
यह मुलाकात यूएई के सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की ओर से कैप्टन मच्छर, विमान के चालक दल और कॉकपिट की घटना को नियंत्रित करने में मदद करने वाले यात्रियों की सराहना के बाद हुई थी।